अच्छी सेहत के लिए कब सेवन करें दूध, दही और छाछ बोला जाता है कि खाने-पीने की चीजों का सेवन अगर सही समय पर किया जाए तो हम आने वाली कई बीमारियों से बच सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर तीन तत्व से मिल कर बना है-पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। अगर आप कुछ और कभी भी खा लेते हैं तो इन तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है और हमें बीमारियां घेर लेती हैं। अगर बात करें दूध, दही और छाछ की तो इन चीजों का सेवन हम रोज ही करते हैं। अगर देखा जाये तो दही सबके लिये फायदेमंद होती है लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसे रात को खाने से बचना चाहिये। आयुर्वेद की माने तो रात के वक्त हमारे शरीर में कफ की प्राकृतिक प्रबलता बढ़ जाती है। इसलिये रात को दही का सेवन नहीं करना चाहिये यह समस्या बढा देगी और पेट के रोग होने की प्रबलता बाद जाएगी । विशेषज्ञों की माने तो रात को दही खाना विषाक्त हो सकता हैं। दही टेस्ट में खट्टी, तासीर में गर्म और पचाने में भारी होती है। यह वसा, ताकत, कफ, पित्त, पाचन शक्ति बढ़ाती है। शरीर में यदि सूजन आदि हो तो, दही खाने से हमेशा बचना चाहिये क्योंकि यह सूजन को और भी ज्यादा बढ़ा देती है। Buttermilk Benefits In Hindi पाचन क्रिया : रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। क्योंकि यह भारी होता है इसलिए पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते है। जिससे दिक्कत बढ़ने लगती है। खांसी और जुखाम :- रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है। सूजन :- शरीर में कुछ हिस्सों में अगर सूजन है तो रात के समय दही कभी न खाएं। इससे सूजन कम होने की बजाए बढ़ जाएगी। गठिया या जोड़ों का दर्द :- गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा। दही कब, क्यों और कैसे खाना चाहिए दही खाने का सबसे बढ़िया समय सुबह का है। हाथों पैरों की जलन, पेट की इंफैक्शन, अपच, भूख न लगना, कमजोरी के अलावा और भी बहुत से शिकायतें सुबह दहीं खाने से दूर हो जाती हैं। नाश्ते में दही की एक कटोरी में शक्कर मिलाकर खाने से खून की कमी दूर होती है। दही को हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करना फायदेमंद होता है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है। दही खाने के फायदे (Health benefits of eating curd with meal) अनिद्रा :- रात में नींद न आने की परेशानी हो तो रोज खाने के साथ एक कटोरी दही का सेवन करें। धीरे-धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी। पाचन सकती बढ़ता है :- दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है तब उसकी शुगर एसिड में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है। जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है। पेट की गर्मी दूर करते है :- दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है। पेट के रोग :- अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही के नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। दिल के रोग :- दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखती है। हड्डियों की मजबूती :- दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है। जोड़ो का दर्द :- हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है। बवासीर :- बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है।
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अच्छी सेहत के लिए कब सेवन करें दूध, दही और छाछ